जब तक शांत नहीं हो अंतर |

बाहर कैसे सब शांत होगा |


भूत, भविष्य अशांत करे |

अशांत करें सभी चिंताएँ |

मन क्यों मेरा अशांत रहे |

होते हुए सब सुख सुविधाएँ |


शांत भूमि पर फल, फूल पनपे |

शांत चित्त में समाधान समाए |

शांत व्यक्तित्व में गुरुत्वाकर्षण ऐसा |

जो भी देखे प्रभावित हो जाये |


अशांत शांत सब अंतर से आये |

क्यों ना मैं अंतर में जानूं |

जुड़कर स्वयं की शक्ति से |

स्थायी कोई हल निकालूं |


धीरे धीरे आत्मबोद्ध हुआ |

धीरे धीरे आत्मविकास होगा | 

जब तक शांत नहीं हो अंतर |

बाहर कैसे सब शांत होगा |


by Ankur Aggarwal