पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, आकाश,सबमें तेरा वास है |मानव में तुम्हारी शक्ति और भी खास है |कैसे समझाऊँ,सिर्फ और सिर्फ प्रेम ही तुम्हारी अदबी है |बाकी सब कुछ तुम्हारी शान में बेअदबी है |
पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, आकाश,सबमें तेरा वास है |
मानव में तुम्हारी शक्ति और भी खास है |कैसे समझाऊँ,
सिर्फ और सिर्फ प्रेम ही तुम्हारी अदबी है |बाकी सब कुछ तुम्हारी शान में बेअदबी है |