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बेअदबी


पृथ्वी, अग्नि, जल, वायु, आकाश,सबमें तेरा वास है |

मानव में तुम्हारी शक्ति और भी खास है |कैसे समझाऊँ,

सिर्फ और सिर्फ प्रेम ही तुम्हारी अदबी है |बाकी सब कुछ तुम्हारी शान में बेअदबी है |

— अंकुर अग्रवाल
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