प्यासी धरती's image
714K

प्यासी धरती

प्यासी धरती
प्यासी धरती मांगे पानी,
बोले मेघा गरजो बरसो,
मेरी आँचल सूख चुकी है,
कुछ बूंदो की प्यास मिटा दो,
धरती बोले मेघा से की,
अब आखों का पानी सूखा,
मेघा जबसे तू है रूठा,
हिमखण्ड के चरणों से जो, अमृत धारा बहती है,
उसके वेगो को तू बढ़ा दे,
विनती ये धरती करती है,
मेरी ममता की आँचल में,
जीवन के कई रूप पनपते,
रूठ गए हो जबसे मुझसे,
वो भी पानी को है तरसत
Read More! Earn More! Learn More!