शिकायतें's image
Share1 Bookmarks 64331 Reads18 Likes
मिरे लिए जे़र-ए-लब तबस्सुम 
उनकी उफ्फ़..., 
हर राहों को मंजिल बना लिया,
सोचा नहीं इतनी अज़ाब होगी 
मंजिलें,पास थी मुक़ाम मगर
मुहब्बत से थी फासले, उन राहों 
Send Gift

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts