ख्वाबों में, ख्यालों में
चांदनी रातों में, न जाने कितने राहों में
बेताब-ए-दिल तेरे मुलाकातों में
ढूंढते उस पल को, एहसासों को
समेट लूं मैं उन जज्बातों को
तुम्हें भर लूं अपने बाहों में
खो जाऊं मैं तेरी मुलाकातों की यादों में
ले चलूं मैं, मेरी चाहतों की दुनियां में
जहां तुम ही तुम हो मेरी दुनियां में।
~अंकित

