बारिश का पानी,घर की गाय,टूटी नाव अच्छा है

तुम्हारे महलों वाली शहर से मेरा गांव अच्छा है

झुककर  पैर में करते  सजदा हर एक बड़े का

यार पिछड़े है फिरभी हमारा हावभाव अच्छा है

---रायसाहब अंकित