पिता का मोल
माँ की ममता गर अनमोल होती है
तो पिता के प्रेम का भी कोई मोल नहीं,
बचपन से माँ से प्यार और दुलार मिला है
पर पिता के आशीर्वादों ने हमेशा मेरे दिल को छुआ है।
हमारे विचारों ने पिता को कठोर और दृढ़ ही सोचा है,
पर पिता के भीतर भावनाओं की नौका भी होती है।
हमारी जरूरतें पूरी करने को पिता ने दिन रात एक कियें
अपनी इच्छाएं मारी सपनो को भी तोड़ दियें।।
एक ख़ामोश सा बंधन होता है
पिता पुत्र के रिश्ते का कभी कोई खुल कर भावों को दिखलाता नही,
माँ का दरज़ा भले ही सबसे ऊपर क्यों न हो
पर पिता का स्थान भी किसी से छोटा नहीं।।


