शायद मिल जाये किसी कश्ती का सहारा लो ! कलम ने हाथ थाम लिया। अब ये चिड़िया है कुछ कहती मुझसे की इस बारिश पर कुछ लिखूं और बारिश का कहना सुनना जरा की इन बादलो से बात करलो कोई इस स्कूटर की आवाज़ को ही कह दो हमें कोई अपना सा मिला दे ले जाये उस समंदर किनारे जहां सुन्दर सी शाम दिखाई दे और मै इस मिट्टी से कहता हूँ वो मुझे शाम सी लगती है