अब तो चुनाव जिता दिया नेता जी कह दो रोड़ बना दिया,
अपने बजट का 10% ही सही कुछ तो समाज पे लगा दिया।
घुशख़ोरी तुम ना करोगे ये सोच कर हमने तुम्हें जिता दिया,
पर बजट कैसे कहाँ ग़बन किया और कहाँ सारा छुपा दिया।
है कितने ईमानदार सरकार में पोस्टर छपवा तुमने दिखा दिया,
कुछ कहीं छुपे हैं, कुछ फ़ेमस हो गए, कुछ को नेता बना दिया।
अख़बारों से भी औझल हो गये पाँच साल का सूखा ला दिया,
जमना कि सफ़ाई ना हुई तो जमना को नाला बना दिया।
दिल्ली में अब भी दम है ख़ूब जो नए नए पैंतरे आज़माती है
पुराने खटमल ख़ून कम चूसते थे जो नयों को पीना सिखा दिया।