सब के सब ऐसे ही है मुझे अपना बताने वाले।गिरा जब तो मुह मोड़ के आगे बढ़ जाने वाले।खुदबखुद अपने को जब मैंने संभाल ही लिया।तभी आए हैं ये सभी मदद के हाथ बढ़ाने वाले।
सब के सब ऐसे ही है मुझे अपना बताने वाले।गिरा जब तो मुह मोड़ के आगे बढ़ जाने वाले।
खुदबखुद अपने को जब मैंने संभाल ही लिया।तभी आए हैं ये सभी मदद के हाथ बढ़ाने वाले।