उसने इस अंजाम तक बखूबी निभाया था ।ख़ता उसकी नही कि मुझको आवाक कर दिया ।मैं भी एक शय था उसके बाकी खिलौनों की तरह ।दिल बहलाया तोड़ा और फिर ख़ाक़ कर दिया।
उसने इस अंजाम तक बखूबी निभाया था ।ख़ता उसकी नही कि मुझको आवाक कर दिया ।
मैं भी एक शय था उसके बाकी खिलौनों की तरह ।दिल बहलाया तोड़ा और फिर ख़ाक़ कर दिया।