Poetry 1 min read 584.4K reads

बेसब्री


बेसब्री से इंतजार है कि कब तुम मेरे घर आओगे।मेरे पास तेरे संग सभी तारों का एक बगीचा होगा।

वो ज़मीं कितनी खुशनसीब है जहां तुम रहते हो।उसका गुरूर तो इस आसमान से भी ऊंचा होगा।

— Anjani Kumar Singh (Theinnervoice)
Read more Earn more Learn more