मैंने तुझसे पहले,
तेरी ख़ुशबू से मोहब्बत की,
तेरी मौजूदगी से मोहब्बत की,
तेरा हर वक़्त मेरे पास होना,
इस एहसास से मोहब्बत की,
तेरे सीने से लग के जो गर्माहट मिली
उस सुकूं से मोहब्बत की,
तेरा मेरे माथे को चूमना
और मेरा पल भर में तेरा हो जाना,
यूं ख़ुद के बेगाने-पन से मोहब्बत की,
तेरी कशिश, तेरी खनक, तेरी सादगी
न जाने कब ही में मैंने
इन सब से मोहब्बत की...
- अंजलि सिंह -

