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लिखने थे शब्द


लिखने बैठी कलम लेकर हाथ मेंआंसुओं ने कागज़ भिगो डाला

लिखने थे शब्द गीत केदर्द ने कागज़ भर डाला

लिखनी थी कहानी जवानी कीउम्र की जुदाई ने मार डाला

लिखना था हुस्न और प्रेम कोझुर्रियों ने झोली को पीड़ाओं से भर डाला

— अनीता
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