मन जो समुंद्र सा शांत हो पायेगामंथन यूं ही शुरू हो जायेगाअमृत कलश के साथहलाहल विष भी बाहर आयेगासमुंद्र में उफान आने सेमन से विष लहरों में समा जायेगा
मन जो समुंद्र सा शांत हो पायेगामंथन यूं ही शुरू हो जायेगा
अमृत कलश के साथहलाहल विष भी बाहर आयेगा
समुंद्र में उफान आने सेमन से विष लहरों में समा जायेगा