दोस्त के हाथ लग गई एक डायरीउसमें लिखी थी मौत की बारीखोला जब पन्ना, बताने को तारीख़पहला नाम अपना देख करसरपट वो भागी लेकर डायरीनहीं लौटी अब तक वो बेचारीपता नहीं कब किसकी हो बारी।