Poetry 1 min read 359.2K reads

ऐं दिल


बुरे हैं, ज़माना कुछ यूं देख कर है कहताख़फ़ा हूं 'दिल' तुझ से

बुरे भी हो जाते ऐं 'दिल'गर तू साथ थोड़ा भी दे जाता...

— अनीता
Read more Earn more Learn more