मेरी प्यारी बिटिया रानी
कुछ ऐसी ही है विहा रानी
आंगन की तुलसी सी,पूजा की कलसी सी
पायल की रुनझुन सी,आंगन की फुलवारी सी
कुदरत की इनायत सी,सब्र की इबादत सी
खुशियों की बारात सी, संस्कार की दौलत सी
चहकती चिड़ियां सी,खिलती कली सी
खुशी की लड़ी सी,झिलमिल सितारा सी
पतझड में बसन्त सी,चन्चल सुमन सी
क़ल-क़ल क़रती नदीसी, शीतल हवा सी
नाजुक सी कोमल सी,सुबह की किरण सी
शीतल छाया सी, ईंश्वर क़ा आशीर्वांद सी,
मेरा अभिमान सी,मेरा गुमान सी
मेरा नूर सी, मनीष क़ा गुरूर सी
घर क़ी ज़ान सी,खुशिया तमाम़ सी
जीवन का महकता बाग सी, जीने का बहाना सी,
खुशियों की बौछार सी, मीठी मुस्कान सी
मोती के सागर सी, पानी सी निर्मल सी
धूप में छाव सी,हवा सी चंचल सी
सर्दी में सुनहरी धूप सी, अन्धरे में उजाला सी
घर में है सुख की बहार सी ,सबकी प्यारी जान सी
आँखों का तारा सी , घर आँगन गुलज़ार सी
चंदन की खुशबू सी, चांदनी की चमक सी
झुलसती गर्मी में पीपल-के छाँव सी, किसी अनमोल रत्न सी
मेरी प्यारी बिटिया रानी
कुछ ऐसी ही है विहा रानी

