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शाम की दो बाते


अपने सारे शिकवे दरकिनार करके बैठो पासदोबारा उसी शाम की तरह बाते करेंगे जब तुम्हारी ख्वाईशो की उम्र कही ज्यादा होती थी तुम्हारी शिकायतों से|

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