मजाक तो मेरे इश्क का उडाया चुका था,
तेरे आने में देरी हो गई ,अब तक तो कफन सिला दिया होगा।
राहों में गुमराह किया गया था मुझे,
जज़्बातो के शहर में तुने गलत समझ लिया था मुझे,
तेरे आने में देरी हो गई,अब तक चार कंधों पर दोस्तों ने मुझे बैठा दिया होगा।
बहुत कम उम्र की निकलीं जिंदगी,
हर मोड़ पर कोई रूठ कर मुझे छोड़ गया था,
तेरे आने में देरी हो गई,अब तक तो मुझे कब्र में दफ़ना दिया होगा।


