मेरी नाँव रुखसत है, दरिया मुज्महील है,..दुश्मन ही सही, मिल जाये मुझे उस किनारे तक खातिर..!!
मेरी नाँव रुखसत है, दरिया मुज्महील है,.
.दुश्मन ही सही, मिल जाये मुझे उस किनारे तक खातिर..!!