ये हस्मकशीष मेरे गमों को तु बंजर जमीन ना समझ,..वो लौटेंगे तब खुशियों की बरसात लेकर आयेंगी..!!
ये हस्मकशीष मेरे गमों को तु बंजर जमीन ना समझ,.
.वो लौटेंगे तब खुशियों की बरसात लेकर आयेंगी..!!