रात भर जुगनुओं कीस तरह किसी की यादें चमचमाती रहीं,बरसे गुजार दी इन फरिश्तो कि ख्वाईशस में...!!
रात भर जुगनुओं कीस तरह किसी की यादें चमचमाती रहीं,
बरसे गुजार दी इन फरिश्तो कि ख्वाईशस में...!!