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ख़ौफ़


परिंदे भी डरते हैं दरिंदों से यहाँ, मेरे शहर के ख़ौफ़ का आलम तो देखिये. महफूज़ नहीं बच्चे माँओं की गोद में, रिश्तों की खाल ओढ़ें हैं भेड़िये देखिये.

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