छोटी-छोटी बातों से परेशान हो जाता हूँ, मैं क्यूँ बड़े लोगों की बातों में आ जाता हूँ.जाल बुनने का हुनर तो हमें भी आता है, फिर इनके जाल में, जाने क्यूँ फंस जाता हूँ.