हाँ,हम आदमी सरकारी हैं

दुनिया समझती है जिन्हें

भ्रस्ट , कामचोर, आलसी

साथ में कहते हैं की

ये देश की बीमारी है ,

हाँ हम आदमी सरकारी है


सिस्टम में कोई भी खामी नजर आये

हम सबकी गाली खाते है

सड़क पे अगर गड्ढे दिख जाये तोभरस्टाचारी कहलाते है

लोग कहते है ये लोकतंत की लाचारी है

हा हम आदमी सरकारी है


1% महगाई भत्ता बढ़ने पर हैम अखबारों में छा जाते हैसरकारी खजाना कंगाल और हम मालामाल हो जाते है

दुनिया के नजर में

हमारे कारण बढ़ रही बेगारी हैहा हम आदमी सरकारी है


140 की स्पीड में दौड़ती राजधानी एक्सप्रेसउसमे आराम से ऊपर की बर्थ पर

कंबल तन कर सोते आप

और में किसी घनघोर जंगल के एक फाटक पर

हरि और लाल झंडी लेकर आपकी अगवाई में खड़ाआपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी है

हा हम आदमी सरकारी है


जब सब घर में चैन की नींद सोते है

वो सरहद पर बंदूक लेके

दुश्मन खेमे की तरफ आंखे गड़ाए होते हैउस सैनिक को समय से जाए

उसके खाते में तनख्वाह

ये हमारी ही तो जिम्मेदारी है

हा हम आदमी सरकारी है


में रेल पटरी बन के पूरे हिंदुस्तान में बिछा हु

मैं नदियों पे बांध बना डटा हु

मैं पूल और सुरंगों पर कंधा लगाए अड़ा हुइस देश की इंफ्रास्त्यक्ट में इंट इंट की हस्सेदारी है

हा हम आदमी सरकारी है



हमने ही IIT को वर्ल्ड क्लास बनाया है

AIIMs PGI जैसे असपतालो में मैन ही गरीबो को अच्छे इलाज आस जगाया है

हम ISRo में बैठे आपके चाँद पे जाने के सपने की सवारी है

हा हम आदमी सरकारी है




हम सतेंद्र दुबे है

हम श्रीधरन

और हम ही के सिवान है

हम ही 21 वी सदी में भारत को विश्व गुरु बनाने की तैयारी हु

हा हम आदमी सरकारी है


प्रतिकूल मौसन में भी आपकी चिठी लिए आपके दरवाजे खड़े हैंभरे बरसात में भी आपके लिए बिजली के पोल पर चढे है

गंदगी साफ करने के लिए गटर के अंदर घुस कर मरे है

130 करोड़ भारतवासियों के सुख दुख में मेरी हिस्सेदारी हैहा हम आदमी सरकारी है !

केवल और केवल

इस मुल्क से मेरी वफादारी है

हा हम आदमी सरकारी है।