Letters to the teacher's image
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आदरणीय शिक्षको,

मैं आज जिंदगी में हार चुका हूं। लेकिन जो भी थोड़ा बहुत मैं बन सका हूं। शायद उसका श्रेय भी आप सबको जाता है।जब भी कभी मुसीबत का सामना होता। मुझे झट से आपकी दी हुई, नसीहतें दिमाग में आती हैं।और मैं किसी हद तक करने में कामयाब हो जाता हूं।या फिर बच निकलता हूं। मैंने आपकी एक खुबी देखी थी।कि आप कभी भी लेट नहीं होते थे। हमेशा हर काम समय पर करते थे। शायद इसी लिए मैं कभी भी लेट नहीं हुआ।चाहे भाग्य ने मुझे हर काम से जिंदगी में लेट कर दिया। लेकिन मैं खुद हमेशा समय के अनुशासन में काम करता रहा।

हर क

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