भरी दोपहरी देखा है मैंने
नभ के तारे धरती पर आज
लाल गुलाबी पीले नारंगी
चमक रहे सूरज के साथ
मनभावन खुशबू बिखरा दें
रख दें जो बस इन पर हाथ
मुस्काते रहते हैं हर पल
चाहे दिन हो या हो रात
भरी दोपहरी देखा है मैंने
नभ के तारे धरती पर आज
- सुहानी यादव


भरी दोपहरी देखा है मैंने
नभ के तारे धरती पर आज
लाल गुलाबी पीले नारंगी
चमक रहे सूरज के साथ
मनभावन खुशबू बिखरा दें
रख दें जो बस इन पर हाथ
मुस्काते रहते हैं हर पल
चाहे दिन हो या हो रात
भरी दोपहरी देखा है मैंने
नभ के तारे धरती पर आज
- सुहानी यादव