2122 2122 2122 212
कर रहा है कौन हमको याद शरमाते हुए
हिचकियाँ भी हिचकिचाती हैं बहुत आते हुए
रह गयीं थीं उंगलियां कुछ उंगलियों में हाथ की
छोड़ कर जाने लगा था जब वो इतराते हुए
सुन के तुम उसको नशे में हो गये हैरत है क्या
हो गया मैं ख़ुद नशे में उसको बतलाते हुए
वो भरी महफिल में भी तन्हा हुआ कुछ देर तो
कर दिया मुझको इशारा ज़ुल्फ़ लहराते हुए
चाँद भी शैदा फलक का हो गया फिर जब मिरे
चाँद को देखा दुपट्टा ओढ़कर जाते हुए
मैं मोअत्तर हो रहा "बेकस,, समाअत में तिरी
तू मोअत्तर हो रहा है इश्क़ फरमाते हुए
अनीस "बेकस,,✍
27/05/2020

