हर बार टकटकी लगती है ,

उस लाल पोथी पर ,

फिर उम्मीद बंधती है ,

मगर धराशायी होती है।

 

हमेशा बजट में ,

उच्च वर्ग या निम्न वर्ग ही ,

छाये रहते है ,

मिडिल क्लास वाले ,

 जाने किस उम्मीद में रहते है।

 

लम्बा चौड़ भाषण ,

हजारो करोड़ो का आबंटन ,

 जाने किसके हिस्से आता है ,

मिडिल क्लास फिर टैक्स भरने ,

जी जान से लग जाता है।

 

हर बार की यही कहानी है ,

मिडिल क्लास के आँसू नहीं , पानी है ,

ठगा सा जाता है हर बार ,

एक और सेस भरने की तैयारी है 

 

हर बजट ये कह जाता है ,

मध्यम वर्ग तुम संघर्ष करो ,

सरकार तुम्हारे ही साथ है ,

मेहनत करो , कमाओ और ईमानदारी से टैक्स भरो ,

तुम्हारे लिए बजट में बस यही प्रावधान है।

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