Oh twitter


Oh ट्विटर

मैं कहाँ आ गया

सच पूछो तो

मजा आ गया


राजनीति का

यह तो भैया

बहुत बड़ा

अखाड़ा है

आरोप-प्रत्यारोप

नोकझोंक कर

बनता और

बिगाड़ा है


फॉलोअर्स

देखकर लोगों के

आँखें चौधियाई

रहती है

जमाने लद गए

आदर्शों के -

फोलों बैक में

फॉलोअर्स की

बाढ़ आई हैं


कुछ हैंडल

बड़े काम के

ज्ञान बाँटते

रहते हैं

कुछ बेनामी से

टि्वटर हैंडल

भड़ास

निकालते

रहते हैं


ताकत है

इसकी बड़ी

सरकार भी

बनाता है

मदद करता

बहुधा लोगों की

शिकायत दूर

करवाता है


निष्पक्ष ट्विटर

बन सकता है

गर विवेक

प्रधान हो

देश तरक्की

कर सकता है

गर लोगों में

सही गलत की

पहचान हो

कलम की धार

इसमें हो सकती

गर विश्वसनीयता

से काम हो।


रचयिता :: आनंद गोलछा