सियासत's image
नफ़रतों का बाकायदा बाज़ार देखा है
रोज़ ख़ून से सराबोर अख़बार देखा है।
और एक शाम को कुछ खेलते बच्चे दिखे मगर।
कुछ मासूमों के हाथ मे हथियार देखा है।
और ये मज़हबी बहस तिज़ारत का हिस्सा है।
हमने आँखों से ला
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