
चेतावनी अंतिम है, अपना स्वरुप विस्तार करो।
मेरा वोट चाहते हो तो घर में घुसकर वार करो।
जागो चिर निद्रा से अपनी, चीखें तुम्हे पुकार रही।
देखो धरती लाल पड़ी है, मौत हमें ललकार रही।
श्वेत कबूतर बहुत उड़ाए हम लोगों ने घाटी में।
वक़्त आ गया है किन्तु अब इन्हें मिटाओ माटी में।
और
Read More! Earn More! Learn More!
