बुझती चिंगारी को हवा दी गई।
मुझको जीने  की  दुआ दी गई।
हम तो मर्ज़ से मरना चाहते थे।
हमको तो खामखाँ दवा दी गई।
किस तरह जिए है, ख़ुदको नहीं पता।
उम्र  ख़ामोशी  से....  गवाँ  दी  गई।
इश्क़ हो सबको  घुट  घुट के  सब मरें।
जिस जिस से मिले उसे ये बद्दुआ दी गई।