सुन रहीं हूं 

लोरियां

जो तुमने 

गुनगुनाई है

 मुझ तक 

वो लोरियां

चांद ने

पहुंचाई है


चमक चांद की 

 दे रही है 

 खिड़कियों से दस्तक

 जैसे कर रही हो

मन मेरे

प्रेम का दस्तखत


सुन रही

मद्धम मद्धम

मीठी मीठी लोरी

तुझ संग जुड़ी रहे यूं

प्रेम की डोरी


चांद को तुमने भेंट 

में दी थी जो लोरियां

छोटी छोटी मगर

मीठी मीठी लोरियां 


चांद जब हौले से उन्हें सुनाता है

तो नींद संग आंखों में

इक ख्वाब उतर आता है



प्यार भरी वो थपकियां

मीठी सी वो बात

तारों बीच चंद्रमा

 चांदनी सी रात


देख रही ख्वाब में

 कभी खुद को

कभी तुमको देखती हूं

खुद खोकर हरदम

बस तुमको खोजती हूं



बंध रहीं हूं

चांद से अब

मोह के बंधन में

जुड़ कभी जो न टूटे

बंध ऐसे गठबंधन मे



ऐ चांद तूने

जो पहुंचाई

मुझ तक 

मीठी मीठी

निंदिया की लोरी

प्रेम रंग में भीग गयी

इस बंधन की डोरी