40 poems in 40 days challenge

कहने को किताब लिखूं, गर अश्रु श्रृंगार लिखूं, ख़्वाब लिखूं, ख़ौफ़ लिखूं, या, अरमान-ए-कत्लेयाम लिखूं वक्त लिखूं, जज़्बात लिखूं, साज लिखूं, रफ्तार लिखूं, या, गनीमत-ए-सवाल लिखूं, आग लिखूं, बरसात लिखूं, या, कयामत-ए-तबाही अपने साथ लिखूं, पढ़ लू, या, लिखती रहूं, चुप रहूं, तो खुद को जी लूं, मर जाऊं, घुटती रहूं, या, अपनी कहानी दफ़न-ए-कब्र, तेरे नाम लिखूं...

#day 3