तू कायम रहेगा खुद में,
तेरी हार के बाद भी,
और तू खुद से मोहब्बत तो नहीं भूल जाएगा,
और जितने को तू,
कायनात तो नहीं जीत सकता,
तू पुतला है आदम जात का,
और आदम जात बने ही हैं,
गिरने को,
और फिर उठकर चलने को,
जीत सारी दुनिया,
अपने वक्त से,
खाक होने को..

तू कायम रहेगा खुद में,
तेरी हार के बाद भी,
और तू खुद से मोहब्बत तो नहीं भूल जाएगा,
और जितने को तू,
कायनात तो नहीं जीत सकता,
तू पुतला है आदम जात का,
और आदम जात बने ही हैं,
गिरने को,
और फिर उठकर चलने को,
जीत सारी दुनिया,
अपने वक्त से,
खाक होने को..