40 poems in 40 days challengeतोहफ़े, जो मन में रह गए, तोहफ़े, जो दरीचों से झांकते हैं, तोहफ़े, जो किवाड़ों के पीछे छुपे हैं, तोहफ़े, जो रद्दी के कागज बन गए, तोहफ़े, जो भेजे गए, इस शख़्स से, उस शख़्स तक, तोहफ़े, वो शब्दों के थे...#day 1
40 poems in 40 days challenge
तोहफ़े, जो मन में रह गए, तोहफ़े, जो दरीचों से झांकते हैं, तोहफ़े, जो किवाड़ों के पीछे छुपे हैं, तोहफ़े, जो रद्दी के कागज बन गए, तोहफ़े, जो भेजे गए, इस शख़्स से, उस शख़्स तक, तोहफ़े, वो शब्दों के थे...
#day 1