40 poems in 40 days challenge


वो मोह,

जो विवश कर देता है,

प्रेम होने पे,

प्रेम से कहीं ज्यादे ताकतवर होता है,

लेकिन,

उसमें प्रेम जैसा ठहराव नहीं होता,

और ना ही,

प्रेम जैसी,

शीतलता नहीं होती,

वो ओत पोत होता है,

आवेश से,

और,

बहुत बागी होता है,

इसलिए,

अक्सर धराशायी हो जाता है...


#day 6