अगर आबादी के ढेर भर रिश्तों में

चेहरे के मुखौटे की

दो चार परतें हटा दी जाए तो

सच्चे रिश्तें भी घट के आधे हो जाने हैं

सच मानिए

एक हद तक मुखौटे बहुत जरूरी होते हैं

ये छुपाने को कि अंदर से हजार दफा खोखले होने के बाद भी

हम उन रिश्तों की कद्र करते हैं...