सालों हल जोता उसनेधूप, बारिश, कीचड़ सब सहेआज बूढ़ा हुआ तोहाट में खड़ा है बिकने कोजिनके पासअपने पेट पालने के पैसे ना होवे दो बूढ़े बैलों को कहां से पालेंगेपरिणाम पश्चात गरीब किसानगरीबी में कसाई हो जाते हैं..
सालों हल जोता उसनेधूप, बारिश, कीचड़ सब सहे
आज बूढ़ा हुआ तोहाट में खड़ा है बिकने को
जिनके पासअपने पेट पालने के पैसे ना हो
वे दो बूढ़े बैलों को कहां से पालेंगे
परिणाम पश्चात गरीब किसानगरीबी में कसाई हो जाते हैं..