40 poems in 40 days challenge
बड़े घर के लोग होते हैं वो,
जो छोड़ जाते हैं,
अपनी प्याली में,
चाय के दो घूंट,
भूख वाले जात के लोग,
तो लपेट देते हैं,
चाय के प्याली के,
दीवारों को,
अपने जिह्वा के रंग से,
और,
ले जाते हैं,
अपनी जिह्वा को,
सैर पर,
जब तक,
वो पहुंच ना जाता,
दुबे हुए बिस्कुट के तह तक...
#day 21

