तेरा नाम लबों पे आया नहीं कभी

फिर भी दिल ने तुझसे मोहब्बत की है


तेरी यादों की खुशबू से महका मेरा जहां

हर गली, हर मोड़ पे तेरी चाहत की है


खामोशी में भी जो सुनाई दी आवाजें

उन आवाजों ने तेरी इबादत की है


अश्कों ने बयां कर दी हर वो कहानी

जो जुबां ने कभी कहने से बगावत की है


मैं चाहे जितना छुपा लूं तेरे रकीबो से

सच है मैंने हर बार उनसे नफरत की है