एक बार सोचना,
 होठों से,
यादें ख़ूबसूरत बनाने से पहले,
कल को,
जब दिल दुखेगा,
माथे के ताज से पहले,
बेशर्म होठों की बात बताई जाएगी,
जमाना तो दूर की बात है,
अपने अपने दिलो में ही,
शिकायतों की,
राज़ जतायी जाएगी,
मोहब्बत अंधी होती है,
तुम बेशक़ अँधे होना,
पर अपने उसूल,
अपने कायदे,
उन्हें कभी मत खोना....