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अनुबंध देह


उसके जिस्म से खरोच करकुछ जिस्मअपने जिस्म में डाल लूंचंद पल को मैं भी मर्द बनूंऔर मर्दों के जिस्म कोऔरतों के जिस्म सारिवाजों में बांध दूं...

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