कभी न बयां करने वाला प्रेम
बयां करने वाले प्रेम से ज्यादा ख्याल रखता है
कभी न बयां करने वाला प्रेम ...
बयां किए हुए प्रेम से ज्यादा गहरा और परिपूर्ण होता है..
कभी न बयां करने वाला प्रेम में
बयां करने वाले प्रेम से ज्यादा पागलपन होता है...
–अभिषेक पाण्डेय

