हज़ारों योजना आती हैं


सरकार बदलती है

लोग बदलते हैं


रोजगार बदलता है


नये कानून आते हैं


नई दुकान खुलती है


पर मोची हमेशा वहीं बैठा है


सड़क किनारे प्लास्टिक की बोरियाँ बिछा कर


न किसी की चप्पल टूटती है


न जूते फटते हैं


बस इनके धूप में बैठे दिन कटते हैं