कभी कभी सोचता हूँ
अगर वापस लाया जा सकता है
जो पीछे छूटा है
तो ऐसा क्या हो सकता है ?
इसका उत्तर है कुछ नहीं
जो हो रहा है वो सही समय पर हो रहा
मैं बचपन भी वापस नहीं लाना चाहूँगा
क्योंकि वो भी एक दिन समाप्त हो जाएगा
धरती पर धरती के अलावा
सब कुछ समाप्त होने के लिये बना है
जो दुःख में भी सुख खोज लेता है
वही अमर है
जो सत्य पहचान लेता है
वही श्रेष्ठ है

