
जब लगाई थी उन्होंने हमारे नाम की मेंहदी
हमारे मिलने के पैगाम की मेंहदी
मेंहदी की ख़ुशबू से महक उठी थी राते हमारी
उस रात चलती रही ना ख़त्म हुए बाते हमारी
मेंहदी जब सूखने के बाद लाल हो गई
गाहड़ी सुर्ख लाल एक दम कमाल हो गई
उस रात उनके हाथो की मेंहदी को हम निहारते रहे
लग ना जाय
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