सच कहीँ खो गया है
ज्यादा दिखने दिखाने के खेल में
सब कुछ धुंधला हो गया है
घात प्रतिघात की इस भयानक
प्रतिस्पर्धा में
जो पर्दे मेंं होना चाहिए
सब कुछ बेपर्दा हो गया है
कुछ अनजान चेहरे
अंधेरों से बाहर आने के लिये
बेचैन हैं
और कुछ पहचाने चेहरे
अंधेरों मेंं मुंह छिपाने को मजबूर
असली सच बताते वालों की बातों मेंं
हमारा आपका
हम सबका
सच कहीँ खो गया है


